OpenAI Secret Project:

OpenAI Secret Project: सोच के देखो अगर AI सिर्फ मोबाइल और कंप्यूटर तक सीमित ना रहे…अगर वह दौड़ सकें, चल सकें, देख सकें और हमसे बात भी कर सकें, क्या होगा जब AI का अपना खुदका “बॉडी” होगा, लेकिन अगर कण्ट्रोल हाथ से निकल गया तो…शायद ये technology दुनिया बदल दें, या ख़तम भी कर दे …
OpenAI क्या बना रहा है?
OpenAI अब AI को physical दुनिया में लाने की तैयारी कर रहा है, इनका पूरा फोकस AI “Brain” बनाना है, जो एक रोबोट को इंसानो जैसा नकल करने में मदद करेगा, इनका GPT-4o मॉडल के साथ रोबोट अब देखकर फैसला लेता है, अगर आप कहेंगे रोबोट से की मुझे भूख लगी है, तो वह अगर कचरा साफ़ कर रहा है तो वह छोड़कर आपको सेब या केले उठाकर देगा, क्योंकि वह समझता है की भूख का रिश्ता फल से है, ना की कचरे से |
Physical “Body”
OpenAI Secret Project अब Physical AI पर काम कर रहा है, इसका मतलब है की वह ऐसा दिमाग बना रहा है, जो सिर्फ चैटिंग न करे, बल्कि वह ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण) और घर्षण को समझे | वे ऐसे मॉडल बना रहे हैं, जिन्हे लाखो घंटो के वीडियो दिखाए जा रहे हैं, ताकि वे बिना प्रोग्रामिंग के, सिर्फ देखकर इंसान की नक़ल करना सिख जाए
इसका मतलब AI खुद काम करेगा जैसे- दरवाजा खोलना, सामान इधर से उधर करना, पानी भरना, यानि लगभग एक इंसान जैसा काम करना, मतलब अब AI सिर्फ सोच नहीं सकता अब वो एक्शन भी ले सकता हैं |
‘Figure 02’ – दुनिया का सबसे एडवांस ‘AI Worker’

OpenAI की तकनीक का इस्तेमाल करके Figure 02 नाम के एक रोबोट को तैयार किया गया है | इसकी कुछ खास बातें:
- बातचीत: यह आपसे बात करते हुए काम कर सकता है, अगर आप उसे बीच में टोकेंगे, तो वह रूककर आपकी बातों को सुनेगा और फिर जवाब देकर काम जारी रखेगा |
- सिखने की क्षमता: यह अपनी गलतियों से सीखता है | अगर एक बार गलती से कप गिर गया, तो अगली बार वह सावधानी से अपनी पकड़ को खुद एडजस्ट कर लेगा |
Tesla और OpneAI के बीच इस बात की दौड़ लड़ी है, की किसका रोबोट सबसे पहले हमारे घरों में झाड़ू-पोछा या खाना बनाना आएगा | अनुमान है की 2028-2030 तक ये रोबोट कमर्शियल तौर पर उपलब्ध हो सकता है |
इससे सबसे बड़ा खतरा क्या हैं?
इसमें सबसे बड़ा खतरा है-
- AI जब खुद गलत फैसला कर लें
- अगर किसी ने इसका गलत इस्तेमाल किया
- जब हाथ से कण्ट्रोल ही छूट जाए
सही इस्तेमाल !
इसका इस्तेमाल मिलिट्री की ताकत को बढ़ाने में किया जा सकता है, या ऐसी जगह इस्तेमाल करना जहाँ एक आम इंसान नहीं पहुँच सकता, इससे कई काम आसानी से हो सकता है, इसकी मदद से निगरानी रखने में भी बहोत काम आएगी – जहाँ कभी भी कही भी सुरक्षा के लिए इसे इस्तेमाल कर सकता हैं |
हॉस्पिटल में इलाज के लिए भी इसका सही इस्तेमाल हो सकता है, जैसे एक एम्बुलेंस के ड्राइवर के तौर पर अगर कही घटना हुआ वहां सही समय पर पहुंचना और मरीज की जान बचाना
Jobs पर असर
यह सबसे बड़ा डर बन जाता है, लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है | रोबोट्स सबसे पहले उन कामों को संभालेगा जो Dirty, Dull, Dangerous हैं:
- फैक्ट्री और वेयरहाउस: सामान उठाना और पैक करना (यहाँ सबसे पहले असर दिखने लगेगा) |
- खतरनाक काम: माइनिंग, केमिकल सफाई या आग बुझाना |
- घर के काम: खाना बनाना, बर्तन धोना और बुजुर्गो की देखभाल करना
AI और रोबोट से नयी नौकरिया भी पैदा होगी, जैसे:
- रोबोट मेंटेनर: जो ख़राब रोबोट्स को सही करेंगे |
- AI ट्रेनर: जो रोबोट्स को नए काम (जैसे एक अच्छी और नई डिश बनाना) सिखाएंगे |
- फ्लीट मैनेजर: जो एक साथ 100 रोबोट्स की निगरानी करेगा |
क्या ये इंसानो की जगह ले लेंगे?
विशेषज्ञों का कहना है की रोबोट इंसान की जगह नहीं बल्कि इंसान की काम की जगह लेंगे | इसका मतलब है की हमारे पास creative और social कामों के लिए ज्यादा समय होगा |
यह भी पढ़ें: LPG Gas Cylinder Problem in India: क्या है असली कारण?





